त्रिफला चूर्ण फायदे और नुकसान

Triphala Churna Benefits In Hindi
भारत में तक़रीबन 2000 सालो से त्रिफला चूर्ण(triphala churna)  का उपयोग आयुर्वेदिक दवाईयो(Medication) में किया जा रहा है | त्रिफला चूर्ण तिन अलग अलग फलो के चूर्ण से मिल कर बना होता है - आमला, बहेड़ा और हरड़ इन तीनो से मिश्रण से ये मिल कर बना होता है | इन तीनो में अपने में ही औषधि गुण होते है | त्रिफला का उपयोग कब्ज(Constipation), वजन घटाने(Weight Loss), पेट की चर्बी को कम करने, शरीर शोधन, अपच और पेट जेसे समस्या में किया जाता है | त्रिफला एक एंटीबायोटिक(Antibiotic) होता है जो की gallic acid,ellagic acid,chebulinc acid से बना होता है | चरक सहिता के अनुसार एक इन्सान बिना किसी बीमारी हुए भी इसका सेवन एक साल से अधिक समय तक लगातार कर सकता है | ज्यादातर लोग इसका उपयोग कब्ज होने पे करते है लकिन इसका उपयोग बाकी इसी चीजों के लिए भी होता है जिनको जान कर आप हेरान हो जायेगे | तो आईये जानते है की त्रिफला चूर्ण के क्या फायदे है (triphala churna ke fayde hindi).

त्रिफला चूर्ण के फायदे - Triphala Churna Benefits In Hindi

आँखों के लिए -Triphala Churana For Eyes In Hindi


Triphala Churana For Eyes In Hindi

त्रिफला चूर्ण का उपयोग अगर रोजाना इस्तेमाल करते है तो ये केवल आपके आँखों की रौशनी(Eyesight) बढाता है बल्कि ये आपके आँखों के और भी बीमारी को दूर करता है | इसका सेवन करने के लिए आप ताम्बे या मिट्टी के बर्तन में 2 चमच्च त्रिफला चूर्ण को रात में पानी में भिगो दे | अब सुबह इसको छान के इस पानी से अपनी आंखे धोये | एसा अगर आप रोजाना करते है तो आपकी आंखे हमेशा स्वस्थ रहेगी | इसके अलावा अगर आप गाय के घी , शहद , और त्रिफला का सेवन करते है तो इससे आपकी आँखों की जलन और बाकी रोग दूर होते है |

कब्ज को दूर करने के लिए -Triphala Churana For Constipation


Triphala Churana For Constipation

अगर कब्ज इलाज की जब भी बात आती है तो हम्रेशा त्रिफला का नाम सबसे पहले आता है | त्रिफला से न केवल आपको कब्ज से छुटकारा मिलेगा बल्कि पेट से जुडी सभी चीजों से आपको राहत मिलेगी | इसके लिए आप  रात में सोते समय 5 ग्राम त्रिफला का चूर्ण पानी या दूध में ले |

त्रिफला दांतों के लिए -Triphala Churana For Teeth Problems


दांतों की प्रॉब्लम जेसे की दांतों में कीड़े लगना, दांतों में खून आना ,दांतों का बदबू मारना आदि प्रोब्लम्स नार्मल है | इसी प्रॉब्लम होने से इन्सान इसी दुसरे के सामने से जाने से डरता है | अगार आप रोज़ त्रिफला से मंजन  (Brush) करते है तो इन सभी समस्या का समाधान आपको कुछ ही दिनों में मिल जायेगा | इसके साथ ही अगर आप त्रिफला से रोज़ दांत साफ करते है तो आपके दांत मोती जेसे चमकाने लगेगे |

बालो के लिए त्रिफला -Triphala Churana For Hair


Triphala Churana For Hair

अगर आपको भी बालो की कुछ problems है जेसे की बालो का झड़ना, बालो का पतला होना , रूशी , गंजापन आदि तो आपके लिए खुश खबरी है आप त्रिफला से इन सभी problems का समाधान कर सकते है वो भी बहुत आसानी से | इसके लिए बाज़ार में मिलने वाले त्रिफला के २ कैप्सूल का आप उपयोगकरे | इसके साथ ही त्रिफला के तेल से आप अपने सिर की मालिश भी करे | त्रिफला के आवला होता है जिसमे विटामिन c प्रचुर मात्रा में मोजूद होता है जो की बालो के लिए बहुत ही लाभदायक होता है |

शाररिक दुर्बलता -Triphala Churana For Sharrik Debilitation


अगर इन्सान को शाररिक दुर्बलता है तो त्रिफला उसके लिए रामबाण इलाज है | त्रिफला को हरड़, बहेड़ा, आंवला, घी और शक्कर को मिलाकर खाना चाहिए| इससे ना लेवल शाररिक दुर्बलता दूर होती है बल्कि प्रतिरोधक क्षमता (buffering capacity) भी बढती है |

सरदर्द में - Triphala Churana For Headache


त्रिफला, हल्दी, चिरायता, नीम के अंदर की छाल और गिलोय को कम से कम आधा लीटर पानी में पकाए जब ये पानी आधा रहा जाये तो इसको छान कर ठंडा होने के बाद इसको गुड या शक्कर में मिला के कुछ दिन लेने से सरदर्द की समस्या जल्दी ही खत्म हो जाती है |

त्रिफला के नुकसान -Triphala Churna Side Effects In Hindi


अब ये तो बात रही त्रिफला के फायदों के बारे में तो इसका मतलब ये नही की triphala ke nuksan कुछ नही होगे | जितने अगर इसके फायदे है उठने ही इसके नुकसान भी है | अब चाहे वो ज्यदा मात्रा में लेना हो या गलत तरीके से लेने से हो |

  • जो महिलाये प्रेगेनेंट हो या जो स्तनपान (breastfeeding)करवाती हो उनको इसके सेवन से बचना चाहिए या फिर डॉक्टर की सलाह के बगेर न करे |
  • इसका ज्यदा सेवन से नीद ज्यादा आने लगती है |
  • 6 साल से कम ऊम्र वालो को इससे बचना चाहिए |
  • अगर आप किसी प्रकार की भी दवाइयों का सेवन कर रहे है तो डॉक्टर से पूछे बिना इसका सेवन बिलकुल भी न करे |
  • इसके अधिक सेवन से दस्त लग सकते है | अगर दस्त हो तो  इसका सेवन भूल के भी न करे |

त्रिफला का सेवन इसे करे -Triphala Churna ka Sevan Kaise Kare


ये तो बात रही इसके लाभ और नुकसान (Triphala advantage and disadvantage) के बारे में अब बात आती है की इसका सेवन केसे किया जाये जिससे की इससे लाभी अधिक और हानी न मिले | अगर आप इसका सेवन सुबह करते है तो खाली पेट  इसका सेवन ताजा पानी के साथ करे | और उसके बाद एक घंटे तक कुछ भी खाए पिए नही | रात के time भी आप ताजा पानी के साथ रात को सोते time ही इसका सेवन करे | वेसे को इसका सेवन इस पर निर्भर करता है की आप किस कारण से ले रहे है फिर भी यह हर महीने से इस प्रकार से इसका सेवन कर सकते है -

  1. जनवरी से मार्च (January to March) तक इसका सेवन छोटी पीपल के साथ इसको खा सकते है |
  2. मई से जुलाई (May to July) के समय में आप इसको गुड के साथ सेवन कर सकते है |
  3. जुलाई (july) के बाद से सितम्बर(september) महीने में आप इसको सेधा नमक के साथ लेते है तो ये बहुत ही गुणकारी होता है |
  4. सितम्बर से नवम्बर(September to November) में देशी खांड के साथ खाए
  5. नवम्बर से जनवरी(November to January) में इसको सौंठ के चूर्ण के साथ खाए |

त्रिफला चूर्ण फायदे और नुकसान त्रिफला चूर्ण फायदे और नुकसान Reviewed by News Junction on July 16, 2018 Rating: 5

2 comments:

  1. mera pet humesa kharab sa rhta hai. ro me roz trifla churn khata hu . but pet saf nhi hota hai . to kya hru app kuch bataye please.

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  2. agar apko ye problem hai to doctor ki salah se Julab ki goli ke sakte ho taki pet saf ho jaye

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